Tuesday, June 18, 2024
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नगर निगम के करोड़पति पूर्व संविदा कर्मचारी के खिलाफ खोला गया मोर्चा

-निगम में तैनाती के दौरान बनाई खासी संपत्तियां
दर्पण व्यू संवाद
आगरा। नगर निगम के कथित करोड़पति संविदा बाबू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आयकर विभाग समेत कई संबंधित विभागों से उसके कथित भ्रष्टाचार को लेकर शिकायतें की गई हैं। शहर की सपोर्ट इंडिया संस्था ने कहा है कि जरूरत पड़ी तो इस मामले में कोर्ट की शरण ली जाएगी।
सपोर्ट इंडिया के अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश चन्द्र सोनी का आरोप है कि राकेश बंसल नामक बाबू ने फोटोस्टेट की फर्म बनाकर लाखों रूपये गबन किए हैं। महज पांच हजार रूपये की नौकरी करने वाला बाबू आज करोड़ों की सम्पत्ति का भी मालिक है। नगर निगम के बाबू द्वारा की गई काली कमाई को लेकर उन्होंने कई दस्तावेज भी मीडिया के सामने प्रस्तुत किए।
उन्होंने बताया कि नगर निगम में सिकन्दरा निवासी राकेश बंसल पुत्र सुरेश बंसल जो कि कम्प्यूटर आॅपरेटर के पद पर था, मात्र पांच हजार रुपए मानदेय मिलता था। बाद में उसका वेतन एक अधिकारी की कृपा से 19 हजार रुपए तक कर दिया गया। अगस्त 2020 में शिकायत होने पर उसे पद से हटा दिया गया था।
नगर निगम के बाबू ने अपने कार्यकाल के दौरान करोड़ो रुपए की सम्पत्ति बाई। वर्ष 2015 से 2020 तक आरोपी बाबू ने कई करोड़ो रूपयों की सम्पत्तियों को खरीदा है। उसने इन सम्पत्तियों को अपनी पत्नी रिचा बंसल, भाई उमेश बंसल और मां सुशीला के नाम से खरीदा है। जबकि इन लोगों को अपना कोई व्यापार भी नहीं है। इन सभी बैनामों में बड़ी हैरत की बात है कि बैनामों पर भूखंड और आवास की खरीद कम दर्शाई गई है जबकि उक्त सम्पत्तियों को अधिक कीमत पर खरीदा गया है। इतना ही नहीं नगर निगम में संविदा पर तैनात रहते हुए खुद की फोटो स्टेट की फर्म को दर्शाते हुए एक ही बिल के नाम पर कई बार भुगतान प्राप्त किया गया।
उल्लेखनीय है कि यह बाबू पूर्व में तैनात रहे नगरायुक्त का पीआरओ रहा था। इस दौरान उसे बेहद प्रभावशाली बताया जाता था। इतना ही नहीं राजनीतिक रसूख वाले इस बाबू को निगम के अधिकारी भी सलाम करते थे।

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