Tuesday, June 18, 2024
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ताजमहल के राज खोलने के लिए अभी है एक और रास्ता

-राष्ट्रीय हिंदू परिषद ले सकती है सुप्रीम कोर्ट की शरण
-जयपुर राजघराने के दावे पर प्रिंस तूसी भी सामने आए

दर्पण व्यू संवाद
आगरा। ताजमहल को लेकर विवाद थमते नजर नहीं आ रहे हैं। हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच ने ताजमहल के 22 बंद पड़े दरवाजों को खोले जाने की याचिका को गत दिवस खारिज कर दिया था। इसके बाद राष्ट्रीय हिंदू परिषद सामने आई है। कहा जा रहा है कि अभी सुप्रीम कोर्ट का रास्ता बचा है और ताज के राज खुलवाने के लिए वहां अपील की जाएगी। इधर जयपुर राजघराने की वंशज और भाजपा सांसद राजकुमारी दीया के ताज की जमीन के मालिकाना हक को लेकर किए गए दावे के बाद खुद को शाहजहां के वंशज बताने वाले प्रिंस तूसी भी सामने आए हैं।
ताजमहल के तहखाने खुलवाने की याचिका खारिज होने के बाद अब ताजमहल पर दावेदारी को लेकर एक नया विवाद उठ रहा है। जयपुर के पूर्व राजपरिवार की सदस्य व सांसद दिया कुमारी की दावेदारी पर पर हैदराबाद के प्रिंस तूसी का पलटवार। तूसी ने कहा कि वे अपनी बात को साबित कर दिखाएं। प्रिंस तूसी ने गुरुवार को वीडियो जारी किए। इसमें तूसी कह रहे हैं कि राजकुमारी का बयान बेबुनियाद है।
ताज को लेकर एक विवाद शांत भी नहीं हो पाता कि दूसरा खड़ा हो जाता है। स्वयं को मुगल वंशज बताने वाले प्रिंस याकुबउद्दीन हबीब तूसी ने भी मोर्चा खोल दिया है।
ज्ञात हो कि दीया कुमारी ने कहा था कि ताजमहल मुगलों की नहीं, उनके पुरखों की निशानी है। जिस जगह ताजमहल बना है, वह जमीन राजा जयसिंह की थी। शाहजहां ने यह जमीन उनसे ली थी। उन्होंने इसके दस्तावेज जयपुर सिटी पैलेस के पोथीखाने में होने की बात कही थी। सांसद दीया कुमारी ने कहा है कि वे केंद्र और प्रदेश सरकार को ताज की जमीन से संबंधित दस्तावेज भेजने जा रही हैं। इन दस्तावेजोंमें कथित रूप से इस बात का उल्लेख है कि जयपुर की तत्कालीन रियासत के महल के स्थान पर शाहजहां ने ताजमहल बनवाया था। जयपुर के सिटी पैलेस में स्थित पोथी खाने से दस्तावेज निकलवाए गए हैं। इनका वकील परीक्षण कर रहे हैं। इधर सूत्रों का कहना है कि बीकानेर में राज्य सरकार के अभिलेखागार में ऐसे दस्तावेज भी उपलब्ध हैं, जिनसे प्रमाण मिलता है कि जयपुर रियासत के तत्कालीन महाराजा जय सिंह को फरमान जारी कर आमेर, मकराना और राजनगर की खदानों (खान) से संगमरमर भेजने के लिए कहा गया था।
नौ सितंबर,1632 में शाहजहां की ओर से जयसिंह को आमेर की नई खान से संगमरमर निकालने के लिए मुलूकशाह को भेजने के लिए कहा गया था। सूत्रों का कहना है कि सांसद की पहल पर राजस्थान सरकार में पुरातत्व विभाग के अधिकारी भी दस्तावेज खंगालने में जुटे गए हैैं।

आगरा आते रहे हैं प्रिंस तूसी
खुद को मुगलों का आखिरी वंशज बताने वाले हैदराबाद के प्रिंस तूसी आगरा आते रहे हैं। मुगल शहंशाह के शाहजहां के उर्स के दौरान चादरपोशी करने के लिए उन्हें आमंत्रित किया जाता रहा है। पिछले कुछ सालों से उनका आगरा आना नहीं हुआ है। ताजमहल को लेकर दिए गए उनके बयान भी सुर्खियों में रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट की लेंगे शरण
राष्ट्रीय हिंदू परिषद ताज के रहस्यों से पर्दा उठाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण लेगी। परिषद के अध्यक्ष गोविंद पाराशर आज ताज के पार्श्व में दशहरा घाट पहुंचे। उन्होंने कहा कि याचिका खारिज होने का दुख है, लेकिन यह लड़ाई खत्म नहीं होगी। अभी सुप्रीम कोर्ट का रास्ता खुला हुआ है। ताजमहल के बारे में पर्यटकों तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए कमरों को खोलकर जांच होनी चाहिए। विहिप के दिग्विजयनाथ तिवारी, संजय जाट, मनोज अग्रवाल आदि हिंदू संगठनों से जुड़े नेताओं का कहना है कि ताजमहल के अनसुलझे रहस्यों की जानकारी के लिए जरूरी है कि इन्हें खोला जाए।

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