Tuesday, June 18, 2024
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शमशान का बन गया दलदल, तिरपाल के नीचे जली चिता

देहाद क्षेत्र में झमाझम बारिश से पैदा हो गई हैं गंभीर स्थिति
 फिसलन की वजह से अर्थी को चार ने नहीं 12 ने दिया कंधा

आगरा। बारिश से देहात क्षेत्र में गंभीर हालात देखने को मिले। शमशान का रास्ता दलदल में बदल गया। यहां से सहज गुजरना मुश्किल हो गया। यहां एक अर्थी को चार लोगों ने नहीं, बल्कि 12 लोगों ने कंधा देकर शमशान घाट तक पहुंचाया। फिसल न जाएं, इस कारण 12 लोगों की मदद लेनी पड़ी। चिता भी तिरपाल के नीचे जलाई गई।
फतेहपुर सीकरी में शमशान की तरफ जाने वाला रास्ता जल प्लावित हो गया। यहां फिसलन की वजह से निकलना मुश्किल था। तभी एक शव यात्रा आई। पूरे रास्ते लोग शव गिरने से बेकदरी होने के डर से सहमे रहे। इधर सैयां के तेहरा गांव में अंतिम संस्कार के दौरान बारिश होने पर तिरपाल हाथों में पकड़ कर लोगों ने पूरी चिता जलवायी
पहला मामला फतेहपुर सीकरी के विकास खंड के गांव हंसपुरा का है। यहां आकाश कुमार की पत्नी राजकुमारी 26 वर्ष की बीमारी के चलते आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। परिवारीजन अंतिम संस्कार के लिए शव को लेकर निकले तो शमशान के रास्ते की हालत इतनी खराब थी कि वहां वाहन ले जाना तो दूर की बात, पैदल चलना भी काफी जोखिम भरा था। पूरे रास्ते पर भयानक कीचड़ और जलभराव था। अंतिम संस्कार को जाने वाला रास्ता करीब 2 किमी का है। इस पूरे रास्ते 10 से 12 लोग लगातार शव को हाथ लगाए रहे। इसके बाद भी कई बार लोगों के पैर फिसलने से शव गिरने की नौबत आ गई।
ग्रामीणों ने बताया कि मोक्षधाम में कोई दीवार नहीं है और न ही अंतिम संस्कार का कोई स्थान बना है। बिना किसी सुविधा के शमशान बना हुआ है। प्रधान सरोज देवी से कई बार शिकायत की गई है। बीडीओ और एडीओ को भी शिकायत की गई है। आज तक कोई काम नहीं हो पाया है।

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