Saturday, June 22, 2024
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छठ पर्व : खरना के साथ छठ का कठिन व्रत शुरू

आगरा। छठ पर्व का आज दूसरा दिन है। व्रती खरना कर रहे हैं। छठ पूजा के दौरान यमुना घाट पर अपनी टोकरियों के साथ पूजन के लिए लोग जुटे। छठ पूजा में आज व्रती खरना बना रहे हैं। पूरे दिन निराहार रहकर शाम को गुड़ की खीर का सेवन करेंगे। सूर्य की उपासना का महापर्व छठ पूजा का आज दूसरा दिन है। कल नहाय खाय मनाने के बाद आज व्रती खरना करेंगे। चार दिनों के इस महापर्व में आज भी व्रती स्वच्छता के साथ कल सूर्यास्त की पूजा के लिए डलिया तैयार करेंगे, जिसमें विभिन्न प्रकार के प्रसाद बनाए जाएंगे। स्वच्छता का विशेषकर ध्यान रखते हुए प्रसाद मिट्टी के चूल्हे पर ही बनेगा। छठ पूजा में सूर्य देवता का पूजन किया जाता है और यह पर्व चार दिनों तक चलता है। सनातन धर्म में छठ पूजा का विशेष महत्व है। विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में यह पर्व काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस पूजा की शुरूआत सूर्य पुत्र और महान योद्धा कर्ण ने की थी। मान्यता है कि इस दिन सूर्यदेव और छठी मईया की पूजा अर्चना करने निसंतान को संतान की प्राप्ति होती है और संतान की सुख समृद्धि व दीघार्यु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। छठ पूजा में खरना का खास महत्व है। खरना को लोहंडा भी कहते हैं। छठ पर्व में इस दिन का विशेष महत्व होता है। नहाय खाय वाले दिन घर को पवित्र कर व्रती अगले दिन की तैयारी करती हैं। जब खरना आता है तो सुबह व्रती स्नान ध्यान करके पूरे दिन का व्रत रखते हैं। इस दौरान अगले दिन भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए प्रसाद भी बनाया जाता है। शाम को पूजा के लिए गुड़ से बनी खीर बनाई जाती है। इस खीर को कुछ जगहों पर रसिया भी कहते हैं। इस प्रसाद को मिट्टी के नए चूल्हे पर आम की लकड़ी से आग जलाकर बनाया जाता है। हालांकि शहरी इलाकों में मिट्टी के चूल्हे की उपलब्धता न हो पाने की स्थिति में कुछ लोग नए गैस चूल्हे पर भी इसे बनाते हैं पर चूल्हा नया हो और अशुद्ध न हो इसका खास ध्यान रखा जाता है। आज दूसरे दिन कार्तिक शुक्ल पंचमी को व्रती दिनभर का उपवास पर हैं। घरों में शाम को पूजा के लिए गुड़ से बनी खीर बनाई गई है।

छठ पूजा के लिए पूजन सामग्री
छठ पूजा के लिए बांस की बड़ी टोकरियों या सूप की जरूरत होगी। इसके अलावा लोटा, थाली, दूध और जल के लिए ग्लास, चावल, लाल सिंदूर, धूप, बड़ा दीपक, पानी वाला नारियल, गन्ना, सुथनी, शकरकंदी, हल्दी और अदरक का पौधा, नाशपाती, नींबू, शहद, पान, साबुत सुपारी, कैराव, कपूर, कुमकुम, चन्दन और मिठाई की जरूरत होगी।

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