Tuesday, June 18, 2024
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जिले और आसपास दस हजार से ज्यादा साइबर ठग हैं सक्रिय

तीन राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बन गए हैं ये
आगरा में बाह क्षेत्र में ठिकानें, मथुरा के गांवों में भी
हर माह मिल रही साइबर ठगी की दो दर्जन शिकायतें

आगरा। जिले में और आसपास के जिलों में 10 हजार से भी ज्यादा साइबर ठग सक्रिय हैं। वे बड़ी संख्या में लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। इन अधिकांश साइबर ठगों ने झारखंड के जामताड़ा के शातिरों से भी ट्रेनिंग ली है। पुलिस के लिए यह सिरदर्द बने हुए हैं। झारखंड का जामताड़ा पूरे देश में साइबर शातिरों के लिए कुख्यात है। लेकिन वहां के ठगों और आगरा, मथुरा आदि क्षेत्रों में रह रहे उनके रिश्तेदारों, परिचितों ने यहां भी ठगी के खेल शुरू किए हुए हैं। आगरा के बाह थाना क्षेत्र और मथुरा के मेवात इलाके के करीब दो सौ छोटे-बड़े गांवों में दस हजार से अधिक साइबर शातिर सक्रिय हैं। इनमें 15 वर्ष के किशोर से लेकर अधेड़ तक शामिल हैं। मथुरा में दो दर्जन से अधिक गांव में मेवाती बसे हैं। राजस्थान के भरतपुर और अलवर में भी पचास करीब पचास गांव मेवातियों के हैं। ज्यादातर मेवाती आपस में रिश्तेदार हैं। इनमें झारखंड के जामताड़ा से भी ज्यादा शातिर रहते हैं। लोगों को ठगना ही इनका वर्षों से धंधा बना है। पहले यही लोग सोने की ईंट के नाम पर ठगी किया करते थे। अब वे सोशल साइट्स पर लुभावने आॅफर्स देकर ठगी कर रहे हैं। अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि साइबर सेल को हर माह दो दर्जन से अधिक ठगी की शिकायतें मिल रही हैं। वे पुराना और सस्ता सामान बेचने का झांसा देकर ठगी करते हैं। खुद को फौजी भी बताते हैं। लाटरी निकलने के नाम पर लोगों से ठगी करते हैं।

यह हैं ठगी के तरीके
साइबर शातिर हाईटैक तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। कुछ तौर-तरीकों का जिक्र यहां किया जा रहा है।
ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर फोन करते हैं और किसी तरह ओटीपी हासिल करके बैंक खातों को खाली कर देते हैं। किसानों और सेवानिवृत्त कर्मियों को लाटरी निकलने का झांसा देकर एडवांस के रूप में रुपये अपने खाते में डलवा लेते हैं। ट्रू कालर से लोगों का नाम जानकर उन्हें फोन करते हैं। उनके नाम से फोन करते हुए उन्हें उनका परिचित और मुसीबत में फंसा व्यक्ति बताते हैं और रुपए लौटाने की बात कहकर ठग लेते हैं। सोशल साइट्स पर सस्ते वाहन बेचने की बात कहकर रुपये ऐंठते हैं। शातिर फर्जी नाम से सिम का इस्तेमाल करते हैं। वहीं बैंक में फर्जी आधारकार्ड के जरिए अपने खाते खुलवाते हैं। ऐसे में पुलिस का मानना है कि मोबाइल कंपनियों में काम करने वाले लोग ही इन्हें ये सिम उपलब्ध कराते हैं। फर्जी खाते खुलवाने में भी कहीं न कहीं बैंक कर्मचारी शामिल होते हैं।

अब सेक्सटार्सन का भी हथकंडा
आगरा। ठग अब सेक्सटार्सन का भी हथकंडा अपना रहे हैं। न्यूड वीडियो काल कर लोगों को जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करते हैं। पिछले दिनों एक स्कूल प्रबंधक इसी तरह से शातिरों का शिकार बने। एक युवती ने सोशल मीडिया पर फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजकर दोस्ती की और फिर ओरल सैक्स के नाम पर फांस लिया। इस दौरान किसी तरह न्यूड फोटो तैयार कर ली। फिर उसके साथियों ने फोन करके प्रबंधक को धमकाना शुरू कर दिया। फोन करने वाले वीडियो वायरल करने और पुलिसकर्मी बताकर धमकाने लगे। जाल में फंसे प्रबंधक काफी दिनों तक परेशान रहे।

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