Sunday, June 23, 2024
HomeUttar PradeshAgraकिसानों को मुआवजा दिया नहीं और जमीन अपने नाम कर ली

किसानों को मुआवजा दिया नहीं और जमीन अपने नाम कर ली

एडीए की करतूत से किसान हैं बुरी तरह से खफा, शिकायतें
किसानों को उनकी जमीन वापस मिले या चार गुना मुआवजा
22 दिसम्बर को त्रिपक्षीय वार्ता में होगा इस मामले में फैसला

आगरा। यह सरासर बेईमानी तो और क्या है कि किसानों को मुआवजा दिया नहीं और राजस्व अभिलेखों में उनकी जमीनों को एडीए (विकास प्राधिकरण) ने अपने नाम ट्रांसफर करवा लिया। इसे लेकर किसान बुरी तरह से खफा हैं। उनका कहना है कि भू-उपयोग न होने पर जमीन संबंधित किसान को वापस लेने का अधिकार है। लैंड पार्सल और इनर रिंग रोड के लिए अधिगृहीत किसानों की जमीन वापस हों या 4 गुना मुआवजा मिले। इस पर अब 22 दिसंबर को फैसला होगा। भूमि आधिपत्य अधिकारी और विकास प्राधिकरण के साथ त्रिपक्षीय वार्ता के लिए किसान तैयार हैं। सर्किट हाउस में दोपहर 12 वे अपना पक्ष रखेंगे। बता दें कि एडीए ने इनर रिंग रोड, लैंड पार्सल तथा इनर रिंग रोड (तीसरे चरण) के लिए किसानों की 936, 975, 612 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की थी। अब ग्रेटर आगरा प्रोजेक्ट के लिए एडीए किसानों की जमीन लेना चाहता है। किसानों का आरोप है कि पिछली योजनाओं में जमीन की एवज में उन्हें आधा-अधूरा मुआवजा मिला। किसी-किसी किसान को मुआवजा मिला ही नहीं। नियम मुताबिक एडीए को अब यह जमीन किसानों को वापस कर देनी चाहिए। अधिग्रहीत जमीन का 5 वर्ष तक उपयोग न होने पर किसानों को जमीन वापस लेने का अधिकार हो जाता है। किसान नेता श्याम सिंह चाहर, सोमवीर यादव, कपूर चंद्र सिकरवार, नत्थू सिंह सिकरवार, उपेन्द्र सिंह, दिलीप चौधरी आदि किसानों के साथ संवाद कर बैठक की तैयारी में जुटे हुए हैं। ग्रेटर आगरा प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण के संबंध में जब एडीए ने तैयारी की तो किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया। किसानों ने पुराने प्रोजेक्टों की जमीन मुआवजा न दिए जाने पर कलेक्ट्रेट, एडीए कार्यालय एवं फतेहाबाद क्षेत्र में प्रदर्शन किए थे। विगत दिनों किसानों की नाराजगी शांत करने के लिए विकास प्राधिकरण और प्रशासनिक अधिकारियों ने दो बार किसानों को वार्ता के लिए बुलाया। कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर किसानों ने दोनों बार बैठकों का बहिष्कार कर दिया था। किसान नेता सोमवीर यादव का कहना है कि लैंड पार्सल योजना के लिए ली गई जमीन को 13 वर्ष से अधिक समय हो गया। जिन किसानों की कम्पलसरी अवॉर्ड करके जमीन का अधिग्रहण किया गया था, उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया। बिना मुआवजा दिए किसानों की जमीन एडीए ने अपने नाम करा ली। राजस्व विभाग से किसानों के नाम हटा दिया। यह बेइमानी है। किसान अपनी जमीन वापस लेना चाहते हैं। पिछली बैठक में एडीए सचिव गरिमा सिंह के समक्ष किसानों यह प्रस्ताव भी रखा था।

अब ग्रेटर आगरा को जमीन लेने के प्रयास

आगरा। एडीए ग्रेटर आगरा प्रोजेक्ट के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहीत करना चाहता है। इसमें मदरा, बुढ़ाना, रायपुर, रहनकलां आदि की जमीन जमीन अधिग्रहण की जाएगी। किसान चेतावनी दे चुके हैं कि पहले इनर रिंग रोड फेस थर्ड, लैंड पार्सल की जमीन को लेकर चल रहे विवाद को खत्म किया जाए। उसके बाद नए प्रोजेक्ट के लिए आज के सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिया जाए। तभी वो अपनी बेशकीमती जमीन देंगे। किसानों का कहना है कि नए सिरे से जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया का नोटिफिकेशन जारी होना चाहिए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments