Sunday, June 23, 2024
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निजी अस्पातलों में प्रसव करवा रही आशाएं, अब कसेगा शिकंजा

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए कई निर्देश

आयुष्मान कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर डीएम नाराज, कड़ी कार्यवाही को कहा

बैठक में एमओआईसी के अनुपस्थित रहने पर दिये वेतन काटने का लिया फैसला

आगरा। आशाएं सरकारी प्रसव केंद्रों पर नहीं बल्कि निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स में प्रसव करवा रही हैं। वे प्रसूताओं और उनके परिजनों को निजी अस्पताल में जाने के लिए प्रेरित करती हैं। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान प्रसव में गिरावट की बात सामने आई। निजी अस्पतालों में प्रसव करवा रही ‘आशाओं’ पर अब शिकंजा कसेगी। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं।
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि विकास खण्ड अछनेरा व शमशाबाद में प्रसव कराने में गिरावट दर्ज की गयी। अछनेरा प्रभारी ने बताया कि स्टाफ नर्स की कमी, कुछ प्रसव के केस स्थानान्तरण होने से यह कमी आई है। आशाओं द्वारा कराए गए प्रसव में भी खंदौली, अछनेरा, बिचपुरी, सैंया तथा जिला महिला चिकित्सालय में भी कमी दर्ज की गई। सिजेरियन केस की समीक्षा में पाया कि बाह तथा खेरागढ़ में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। सबसे खराब स्थिति जगनेर की भी है। जिलाधिकारी ने अधिकतम प्रसव केन्द्रों पर प्रसव कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एएनएम, आशा व आशा संगिनी को ब्लाक स्तर पर गर्भवती महिलाओं का डाटा संग्रहण कर उनकी मोनिटरिंग के कड़े निर्देश दिए।
बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इस मामले में ग्रामीण स्तर पर प्रगति शहर की तुलना में संतोषजनक पाई गई। सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारियों के बैठक में अनुपस्थित रहने पर एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। बैठक में जगदीशपुरा, नगला बूढ़ी, छत्ता, शाहगंज प्रथम तथा लोहा मण्डी सीएचसी पर एचआरपी की रिपोर्टिंग तथा प्रसूता के सभी टेस्ट न करने पर नाराजगी व्यक्त की। बैठक में सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट की समीक्षा की गई, जिसमें बताया गया कि एसएन मेडिकल कॉलेज में 14 नवजात बच्चों की मृत्यु हुई है। इस मामले में एसएन मेडिकल कालेज के प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य केन्द्र की समीक्षा में ब्लाक अछनेरा, जगनेर, बरौली अहीर, फतेहाबाद, पिनाहट की प्रगति असन्तोषजनक मिली। कायाकल्प आवार्ड स्कीम की समीक्षा की गई और बताया गया कि आवार्ड के लिए जिला महिला चिकित्सालय, जिला अस्पताल, बरौली अहीर, सैंया, फतेहपुरसीकरी, बिचपुरी, खन्दौली, एत्मादपुर, अछनेरा, पिनाहट को नामित किया गया। इस अवार्ड के तहत चयनित होने पर एक लाख रुपए का आवार्ड मिलेगा। कायाकल्प आवार्ड स्कीम में सबसे खराब स्थिति जगनेर, बाह, फतेहाबाद, खेरागढ़, अकोला की रही।
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा में बताया गया कि माह मई में ब्लॉक जगनेर में 45, जैतपुरकला में 49, खेरागढ़ में 53, बरौली अहीर में 64 एवं सैयां में 93 ही आयुष्मान कार्ड बनाये गये हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि सभी की जिम्मेदारी तय की जाये। आशाओं को लेकर सघन तरीके से सर्वे कर आयुष्मान कार्ड बनाने की दिन प्रतिदिन की रिपोर्ट मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रेषित की जाये।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी अरूण कुमार श्रीवास्तव, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन, जिला समन्वयक अमृतांशु राज, यूनिसेफ से अरविन्द शर्मा सहित सीएचसी, पीएचसी प्रभारी व अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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