Tuesday, June 18, 2024
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सुहागरात के दिन खुला पत्नी का राज, देखकर उड़ गए होश, अब न्यायाधीश ने दिए तलाक के आदेश

जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी कभी उसके वैवाहिक सुख नहीं दे सकती तो उसने उसके शरीर को विकसित करने के लिए कई चिकित्सकों से इलाज करवाया, लेकिन जब डॉक्टरों ने ही मना कर दिया तो वह भी हार गया और उसने तलाक की याचिका दाखिल कर दी। जिस पर कोर्ट ने उसके फेवर में निर्णय सुनाते हुए तलाक के आदेश दिए हैं।

आगरा। उत्तर प्रदेश आगरा के एक युवक को सुहागरात के दिन पता लगा कि जिससे उसकी शादी हुई है वह पत्नी बनने लायक नहीं है। उसके साथ सेक्स करना संभव नहीं था। युवक की पत्नी के प्राइवेट पार्ट और बे्रस्ट भी विकसित नहीं हुए थे। इससे वह टूट गया और उससे दूरी बना ली। अब ये मामला कोर्ट पहुंच गया। अतिरिक्त मुख्य पारिवारिक न्यायाधीश प्रथम प्रतिभा सक्सेना ने वादी के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए तलाक के आदेश किए हैं।

मामला थाना एत्माद्द्वौला क्षेत्र का है। टेढ़ी बगिया के प्रकाश पुरम के रहने वाले एक युवक ने कोर्ट में वाद प्रस्तुत किया था। उसने बताया कि २७ जनवरी २०१६ को उसका विवाह फिरोजाबाद से हुआ था। शादी उनके परिवारवालों ने तय की थी। उसकी शादी के अगले दिन जब उसकी सुहागरात थी तो उसने अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक संबंध बनाने चाहे, लेकिन जैसे ही उसने पत्नी के शरीर को देखा तो वह दंग रह गया। उसकी पत्नी के गुप्तांग विकसित ही नहीं थे। ना तो ब्रेस्ट और ना ही प्राइवेट पार्ट विकसित हुए थे।
निभाया पति धर्म
शादी के कुछ दिनों तक उसकी पत्नी घर पर ही रही। इसके बाद विदा होकर वह अपने मायके चली गई। लौटकर जब उसके घर आयी तो युवक ने उसका इलाज करवाने के लिए कई डॉक्टरों से सलाह ली। युवक ने कमला नगर मेडिकेयर सेंटर और डॉ. नवल किशोर मेमोरियल हॉस्पिटल इलाज करवाया। युवक के अनुसार उसने अपनी पत्नी के गुप्तांगों को विकसित कराने के लिए खूब इलाज कराया, मगर कोई फायदा नहीं हो सका। चिकित्सकों ने भी स्पष्ट रुप से कोई सुधार हो पाने के लिए मना कर दिया। अंत में उसने भी हार मान ली और तलाक लेने का निर्णय ले लिया।

न्यायाधीश ने सुनाया फेवर में निर्णय
वादी की तलाक अर्जी पर कोर्ट ने उनके फेवर में निर्णय सुनाया है। वादी ने कोर्ट में पत्नी की मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों द्वारा इलाज और उनके परामर्श के दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों का आंकलन करते हुए वादी के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए तलाक के आदेश दिए हैं।

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