Tuesday, June 18, 2024
HomeUttar PradeshAgraआखिर किसने की दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या?

आखिर किसने की दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या?

दुष्कर्म के बाद हत्या में परिजन
ही गवाही में मुकरे, आरोपी बरी

पुलिस ने पति, बेटे व बेटी समेत नौ को बनाया था इसमें गवाह
गवाही से मुकरने पर कोर्ट गंभीर, 344 दंड प्रक्रिया में कार्रवाई

आगरा। एक महिला की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में मृतका के अपने ही गवाही में मुकर गए। अब सवाल यह है कि मृतका को इंसाफ कौन दिलाए। गवाही से मुकरने की वजह से अभियुक्त बरी हो गए। हालांकि कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। गवाही से मुकरने पर पति के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। मामला बरहन थाना के गांव सैफुद्दीनपुर का है। बरहन थाने में वादी ने तहरीर दी। बताया कि 6 मार्च 2017 बेटा और बेटी घर के पास ही गली में कीर्तन सुनने के लिए गए। रात करीब नौ बजे घर वापस आए तो दरवाजा बंद था। बच्चों ने दरवाजा खोलने के लिए मां को आवाज लगाई। शोर सुनकर आरोपी धर्मवीर घर से निकलकर भागा। बच्चों ने अंदर आकर देखा तो उनकी मां मृत अवस्था में फर्श पर पड़ी थी। इसमामले में पुलिस की विवेचना में मृतका का पति, बेटा और बेटी को गवाह बनाया गया था। अपर जिला जज रनवीर सिंह-13 के कोर्ट में यह मामला चला। पुलिसने कुल नौ गवाह बनाए थे। वादी की तरफ से तहरीर में कहा गया था कि उसके बच्चों के चीखने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर आ गए। उन्होंने फोन कर वादी को घटना के बारे में जानकारी दी। वादी उस समय सादाबाद में आलू की मजदूरी करने के लिए गया था। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के पर हत्या और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से वादी के बेटा और बेटी सहित नौ गवाह अदालत में पेश किए गए। बेटा और बेटी घटना के प्रत्यक्षदर्शी गवाह थे। उन दोनों के अलावा पति (जो मुकदमे का वादी था) भी गवाही से मुकर गया। इस वजह से साक्ष्य के अभाव में आरोपी बरी करने का आदेश दिया। साथ ही अदालत में गवाही से मुकरने पर मृतका के पति के खिलाफ-344 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत विधिक करने के आदेश दिए।
मामले के जानकार हैरान हैं कि भला परिजन भी ऐसा कर सकते हैं? गवाही के दौरान वादी और उसके बेटा, बेटी ने अभियोजन के कथन का समर्थन नहीं किया। पुलिस ने एक कदम और आगे काम किया। दुष्कर्म के बाद मिले साक्ष्यों को आरोपी के डीएनए से मैच नहीं कराया। अगर ऐसा होता तो गवाहों के मुकरने के बाद भी अभियोजन आरोपी को सजा हो सकती थी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments