Sunday, June 23, 2024
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आवारा कुत्तों को रखने के लिए १.६० करोड़ में बनेगा शेल्टर होम

जलेसर मार्ग पर देखी जा रही है जमीन
३०० लोगों पर हर रोज करते हैं हमले

आगरा। नगर निगम द्वारा हमलावर कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाया जाएगा। यह १.६० करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा। इसके लिए जलेसर पर रोड जगह तलाश की जा रही है। दरअसल आवारा कुत्तों के हमलों ने आगरा में ही नहीं पूरे सूबे में मुश्किल बढ़ा दी है। इसलिए शासन ने कुत्तों के व्यवहार में आ रहे परिवर्तन और उनके हमले रोकने के लिए नगर निगम निगमों और नगर पालिकाओं को शेल्टर होम बनाने के आदेश दिए हैं। इसी क्रम में आगरा नगर निगम ने शेल्टर होम के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। करीब २ हजार वर्ग मीटर में शेल्टर होम तैयार किया जाएगा। शहर में गली मोहल्ले और बाजारों में घूम रहे खूंखार कुत्तों को पकड़कर इस शेल्टर होम में रखा जाएगा। कुत्तों के व्यवहार की हिस्ट्री तैयार कर उनको ट्रेंड स्टाफ द्वारा ट्रीट किया जाएगा। कुत्तों के नॉर्मल होने पर उन्हें उसी लोकेशन में छोड़ दिया जाएगा। आगरा में करीब ३०० लोगों पर रोज हमले करते हैं कुत्ते हर रोज जिला अस्पताल में करीब ३०० लोग कुत्तों के हमले के शिकार होने के बाद उपचार के लिए पहुंचते हैं। कुत्तों के हमलों का आंकड़ा कई बार ४०० के पार भी चला जाता है। ऐसे में जिला अस्पताल में एंटी रेबीज के इंजेक्शन का टोटा ही बना रहता है। कुत्तों के हमले के शिकार लोगों पर हर महीने लाखों रुपए उपचार में खर्च हो जाते हैं। शेल्टर होम बनने से कुत्तों के हमलों की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि शेल्टर होम २ हजार वर्गमीटर एरिया में तैयार होगा। उसमें कई कैनल बनाए जाएंगे। पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि शेल्टर होम २ हजार वर्गमीटर एरिया में तैयार होगा। उसमें कई कैनल बनाए जाएंगे।

अलग-अलग रखे जाएंगे
एक शिकायत नियंत्रण प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसमें शहर के लोग अपने मोहल्ले तथा आसपास के खूंखार कुत्तों के बारे में जानकारी देकर उन्हें पकड़वा सकेंगे। शेल्टर होम में स्वस्थ और संक्रमित कुत्तों को अलग-अलग रखने की व्यवस्था रहेगी। साथ ही कुत्तों की ट्रेनिंग देकर सुधारने का प्रयास होगा। व्यवहार नॉर्मल होने पर छोड़ दिए जाएंगे कुत्ते नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है।

२ हजार स्क्वायर मीटर में तैयार होगा
जिसमें कई कैनल बनेंगे। जमीन के लिए संपत्ति विभाग में प्रक्रिया चल रही है। शहर में जहां भी कुत्ते लोगों पर अटैक कर रहे हैं, उन्हें वहां से पकड़कर कैनल में रखा जाएगा। परीक्षण के बाद उनकी सर्जरी की जाएगी। जब उनके व्यवहार में पूरी तरह परिवर्तन हो जाएगा तभी उन्हें वेक्सीनेट करने के बाद वहीं छोड़ा जाएगा, जहां से पकड़कर लाया गया था।

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