Sunday, June 23, 2024
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कोंरई के प्रधान लाखों के घोटाले में दोषी, छीने गए सभी अधिकार

सचिवऔर तकनीकी सहायक भी घोटाले में दोषी पाए गए
डीएम ने की सख्त कार्रवाई, बनाई तीन सदस्यीय कमेटी

आगरा। फतेहपुर सीकरी में जिलाधिकारी ने विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोरई के ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करते हुए प्रधान पद के दायित्व निभाने पर रोक लगा दी है। ग्राम प्रधान को जांच में प्रथम दृष्टया वित्तीय व अन्य अनियमितता और गबन में दोषी पाया गया है। अंतिम जांच में दोष मुक्त होने तक शासन प्रशासन द्वारा नियुक्त ग्राम पंचायत की तीन सदस्यीय कमेटी ग्राम प्रधान के दायित्वों का निर्वहन करेगी। जिलाधिकारी ने अंतिम जांच के लिए परियोजना निदेशक (ग्राम विकास अभिकरण आगरा) एवं अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा आगरा की तीन सदस्यीय बनाई है। ग्राम निवासी महेश कुमार शर्मा ने गत वर्ष ग्राम प्रधान उमेश कुमार, सचिव धर्मेंद्र कुमार और तकनीकी सहायक श्रीकृष्ण के विरुद्ध शासन की निधि से मिले धन का दुरुपयोग करने, मनमानी करने प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों का दुरुपयोग किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी आगरा से की थी। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया सचिव धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर ग्राम प्रधान उमेश कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया था। लंबी जांच पड़ताल एवं स्पष्टीकरण से असंतुष्ट रहने पर जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने तीन जुलाई को दिए आदेश में पंचायती राज अधिनियम 1947 के अंतर्गत ग्राम प्रधान उमेश कुमार के ग्राम प्रधान पद के दायित्व पर रोक लगा दी। साथ ही प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों से वंचित कर दिया है। जांच में सचिव धर्मेंद्र कुमार और तकनीकी सहायक श्रीकृष्ण को भी 9,28,380 रुपये की वित्तीय हानि का दोषी पाया गया है। इस मामले में ग्राम प्रधान उमेश कुमार का कहना है कि वित्तीय अनियमितता में दोषी पाए जाने पर ग्राम सचिव को निलंबित किया गया था। फिर बहाल कर दिया गया और प्रमोशन भी दे दिया गया है। अभी अंतिम जांच शेष हैं। मैं निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग करूंगा। मुझे निष्पक्ष जांच का भरोसा है।

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