Saturday, June 22, 2024
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बम बम भोले से गुंजायमान हुआ समूचा शहर

– बल्केश्वर महादेव मेले में उमड़ रहा आस्था का सैलाब
– जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक के लिए सुबह से जुटे शिवभक्त
– हजारों परिक्रमार्थियों ने शिवालयों में जल, दूध चढ़ाया
– मेले में झूले-तमाशे, दूर-दूर से मेला देखने आए लोग

आगरा। सावन का आज दूसरा सोमवार है। समूचे शहर बम-बम भोले के जयघोषों से गुंजायमान हो रहा है। हजारों शिव भक्त उत्साह के साथ परिक्रमा लगा रहे थे। बल्केश्वर क्षेत्र में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। बल्केश्वर महादेव के अलावा अन्य शिवालयों पर भी सुबह से भारी भीड़ है।
लाखों भक्तों में अपने आराध्य भगवान शिव को देखने की ललक दिखाई दे रही है। ऐतिहासिक परिक्रमा पूरी कर शिवभक्त बल्केश्वर महादेव मंदिर पर आकर जलाभिषेक करते हैं और यहां उनकी परिक्रमा समाप्त होती है। मान्यता है कि जहां से परिक्रमा शुरू होती है, वहीं पर इसे समाप्त किया जाता है।
बल्केश्वर महादेव मंदिर पर भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने मंदिर के दो गेट खोल दिए हैं। एक गेट से एंट्री की जा रही है और दूसरे गेट से भक्तों को बाहर की तरफ भेजा जा रहा है। वहीं, मंदिर में भी बैरिकेडिंग की गई है, ताकि किसी भी भक्तों को परेशानी का सामना न करना पड़े। मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

दूर-दूर से पब्लिक आई मेला देखने
बल्केश्वर महादेव के मेले में खासी रौनक है। भक्त शिव की आराधना के बाद मेले में भ्रमण कर रहे हैं। यहां विशाल झूले लगाए गए हैं। सैकड़ों स्टाल हैं, जिन पर रोजमर्रा का सामान मिल रहा है। सैकड़ों की संख्या में खान-पान के स्टॉल भी लगे हैं। शिव भक्तों के स्वागत के लिए जगह-जगह कैंप लगाकर प्रसाद वितरण किया जा रहा है। कहीं शबील लगी हैं तो कहीं विश्राम गृह बनाए गए हैं। इन स्टालों पर भीड़ उमड़ रही है। बच्चों में मेले के लेकर खासा उत्साह है। माना जा रहा है कि आज सायंकाल मेला परिसर में भारी भीड़ रहेगी। इसे लेकर पुलिस, प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र में हेल्प कैंप भी लगाए गए हैं। खोया-पाया कैंप लोगों की मदद के लिए लगाया गया है।

 

बेल पत्रों की वजह से नाम बल्केश्वर
बल्केश्वर महादेव मंदिर करीब पांच सौ साल पुराना है। कहा जाता है कि उस समय पूरे क्षेत्र में बेल-पत्रों का घना जंगल था। इसी वजह से महादेव मंदिर को बल्केश्वर नाम दिया गया है। कहते हैं कि एक दिन एक चरावाह अपने जानवरों को जंगल में घुमा रहा था। उसी दौरान उसकी नजर जमीन में धंसे एक शिवलिंग पर पड़ी तो उसने मिट्टी और पत्ते हटाकर देखा तो वहां भोलेनाथ की शिवलिंग प्रकट हो गया। चरावाह ने यह जानकारी आसपास के लोगों को दी और लोगों ने भोलेनाथ की शिवलिंग की पूजा अर्चना करना शुरू कर दी। कभी पूरा क्षेत्र हराभरा जंगल था, जो अब खत्म हो चुका है और आस-पास घनी आबादी बस गई है।

इस दौरान वाटर वर्क्स चौराहे से लेकर बलकेश्वर महादेव तक मौजूद रोड पर भव्य मेले का आयोजन भी किया गया है। सैकड़ों की संख्या में यहां खाने-पीने और अन्य तमाम तरह के सामान की स्टाल लगी हुई है। करीब 2 से 3 दिन तक यह भव्य मेला चलेगा। बलकेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों की भीड़ पहुंच रही है। लाखों की संख्या में भक्त भोलेनाथ के ऊपर जलाभिषेक कर रहे हैं और मंदिर प्रांगण में बजने वाले साउंड पर जमकर झूम रहे हैं।

भोले बाबा दूर हैं, जाना भी जरूर है

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