Tuesday, June 18, 2024
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यमुना का जलस्तर तो उतरा, ग्रामीणों के लिए समस्याएं अनेक

पिनाहट। यमुना नदी का जलस्तर सामान्य हो गया, लेकिन यमुना का जलस्तर कम होने के बाद भी बाढ़ में डूबे गांव के ग्रामीणों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। बाढ़ का पानी कम होने के बाद बाढ़ में डूबे गांव के संपर्क मार्गों में कीचड़ व दलदल भर गया है। जिससे दुर्गंध आने लगी है। ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है। दलदल भरे रास्ते पर पशु आते जाते समय फंस रहे हैं। लोगों को कड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा गांव में भरे दलदल व कीचड़ को साफ कराने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। वही गांव में जलस्तर कम होने के बाद गांव में भीषण गर्मी व उमस के चलते दुर्गंध व सड़न आने लगी है। जिसके चलते गांव में संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। गगन की गांव में जुकाम, खांसी, बुखार के साथ-साथ आई फ्लू के मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग भी गगन की सहित बाढ़ में डूबे मधुआ पुरा व कांकर में लगातार कैंप लगा रहा है, लेकिन मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है।

बाढ़ पीड़ितों को बांटी खाद्यान्न सामग्री
पिनाहट। यमुना में आई भयंकर बाढ़ की चपेट में आने से पिढ़ौरा क्षेत्र के गांव कर गगन की,मधुआ पुरा व कांकर डूब गए थे। जिसमें गगन की गांव पूर्ण रूप से डूब गया था। कई मकानों में दरारें आ गई थी। लोग बेघर हो गए थे।
बाढ़ में डूबे गांव गगन की में भूख से बिलख रहे बच्चों की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी रात में ही गगन की गांव पहुंचे। और लेखपाल विमल कुमार के नेतृत्व में बाढ़ में डूबे आठ बाढ़ पीड़ितों को खाद्यान्न सामग्री की किट बांटी गई। जिसमें आटा, दाल, चावल, चीनी, नमक, मोमबत्ती, माचिस, चला, लाई और मसाले आदि पैक था।

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