Thursday, June 13, 2024
HomeUttar PradeshAgraएमजी रोड पर एलिवेटेड मेट्रो का विरोध तेज

एमजी रोड पर एलिवेटेड मेट्रो का विरोध तेज

– संगठनों को मिला जनप्रतिनिधियों का समर्थन
– दोबारा डीपीआर तैयार कराने की उठ रही मांग

आगरा। महात्मा गांधी मार्ग पर एलिवेटेड मेट्रो से शहर की सूरत बदल जाएगी। इससे लाइफ लाइन बर्बाद हो जाएगी। एलिवेटेड मेट्रो का इसी वजह से तमाम संगठन विरोध कर रहे हैं। वे इसके खिलाफ लामबंद हो गए हैं। उनका कहना है कि मेट्रो की डीपीआर दुबारा तैयार होनी चाहिए।
एमजी रोड पर एलिवेटेड मेट्रो का विरोध तेज होता जा रहा है। एमजी रोड पर अंडरग्राउंड मेट्रो की मांग को शहर की संस्थाओं के साथ अब जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन मिल रहा है। आगरा डवलपमेंट फाउंडेशन और एमजी रोड बचाओ समिति ने बैठक में धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक संगठनो के प्रतिनिधियों ने डीपीआर को संशोधित कर एमजी रोड का 4.5 किमी. तक भूमिगत मेट्रो किये जाने की मांग की। संस्था सचिव केसी जैन ने कहा कि सूरसदन से सेंट जॉन्स चौराहा तक फ्लाई ओवर की सीएम की महत्वकांशी योजना है। एलिवेटेड मेट्रो आने के बाद से इसकी उम्मीद समाप्त हो जाएगी। हरीपर्वत और सेंट जॉन्स क्रॉसिंग पहले से ही चौड़ीकरण प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2015 के आंकड़े के आधार पर डीपीआर तैयार की गई है।
नेशनल चैंबर के अध्यक्ष राजेश गोयल ने कहा कि आम आदमी की बुनियादी जरूरतें और बिना पार्किंग के लिए जगह आवंटित किए प्राधिकरण ने बिना अध्ययन के ही डीपीआर तैयार कर दी है। मेट्रो को अंडर ग्राउंड कि बजाए ओवर ग्राउंड ले जाने का निर्णय किस आधार पर लिया गया। अब इससे भविष्य में एलिवेटेड रोड की संभावना बिलकुल खत्म हो जाएगी। शिक्षाविद सुशिल गुप्ता ने कहाकि मुख्यमंत्री जी को शहरवासियों के हित के लिए पुरानी डीपीआर को निरस्त कर नई डीपीआर को जारी करनी चाहिए। नहीं तो जाम के साथ ठंडी सड़क कहे जाने वाला एमजी रोड पर हमेशा प्रदूषण और धूल ही रहा करेगी। जिसकी कल्पना से भी डर लगता है। मुकेश जैन ने कहा कि एमजी रोड पर अगर भूमिगत मेट्रो पास हो जाती है तो यह बात ठीक है कि लगत बढ़ेगी, लेकिन दूरी कम होने से बहुत ज्यादा फर्क पड़ने वाला नहीं है। 12 फुट का रोड छोटा होगा जिसे यातायात की समस्या बढ़ेगी। प्रतिदिन कोई बच्चा स्कूल जाने से लेट होगा और कोई ना कोई एम्बुलेंस जाम में फसने के कारण एमजी रोड पर ही दम तोड़ देगा। अधिवक्ता दुर्गविजय सिंह भैया और विजेंद्र रावत ने सयुक्त रूप से कहा कि सेंट जोन्स, गंगाधर शास्त्री भवन, दीवानी ये सब हेरिटेड इमारते है। यहां बिना एएसआई की अनुमति के निर्माण प्रतिबंधित है। इन भवनों की सुंदरता बर्बाद हो जाएगी। पर्यावरण की दृष्टि से देखे तो हजारो पेड़ो को काटा जायेगा को आगरा के लिए नासूर साबित होगा। कैलाश मंदिर समिति, खाटूश्याम मंदिर समिती, प्रेमनिधि मंदिर समिति, श्रीहरि सत्संग समिति, ग्रेटर बार एसोशिएशन, अप्सा, टूरिज्म गिल्ड, ग्रेटर कलेक्ट्रेट बार एसोशिएशन, नेशनल चैंबर आॅफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स, आगरा व्यापार मण्डल, आगरा फर्नीचर एसोसिएशन, फेडरेशन आॅफ उद्योग व्यापार एसोसिएशन, सर्राफा एसोसिएशन, एमजी रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन, वेकअप आगरा, बिग पेजेस फाउंडेशन, सत्यमेव जयते, आगरा स्वीट मेनिफेचेर एसोशिएशन, कनफटेशन आॅफ आॅल इंडिया फेडरेशन आदि इसका विरोध कर रहे हैं।
केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, सांसद राजकुमार चाहर, राज्यसभा सांसद अनिल जैन, राज्यमंत्री बेबीरानी मौर्या, योगेंद्र उपाध्याय, विधायक डॉ. जीएस धर्मेश, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, एमएलसी विजय शिवहरे सहित महापौर हेमलता दिवाकर ने लिखित पत्र समिति को देकर अपना समर्थन दिया और मुख्यमंत्री से जल्द समय लेकर इसके लिए बात करने का आश्वासन दिया। बैठक में केसी जैन, मुकेश जैन, सुशिल गुप्ता, राजेश गोयल, सीताराम अग्रवाल, महंत निर्मल गिरी, आशीष अग्रवाल, संजय गोयल, शिशिर भगत, स्पर्श बंसल, सरजू बंसल, सुनील अग्रवाल, दिनेश पचौरी, दुर्ग विजय सिंह भैया, आयुष्कांत चतुवेर्दी, अशोक गोयल, हिमांशु बंसल, मनीष बंसल, आकाश बंसल, विजेंद्र रावत, कृष्णा रावत, हरेंद्र अग्रवाल, संदीप बंसल आदि ने विचार व्यक्त किए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments