Monday, June 24, 2024
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ऋषिकेश से पैदल चलकर आगरा पहुंचने वाले ब्रिटिश नागरिक का निधन

6 महीने से आगरा में रह रहे ब्रिटिश नागरिक का 24 जुलाई हुआ था निधन
ब्रिटिश नागरिक श्याम इंड्रिच बटुक लाल मेहता 71 वर्ष, एक योगाचार्य थे

 

आगरा। ब्रिटिश लेखक और योगाचार्य श्याम इंड्रिच बटुक लाल मेहता का आगरा में देहांत हो गया। वे आगरा में बदहवास हालत में घूमते हुए मिले थे। मानसिक आरोग्यशाला में उनका इलाज चल रहा था। तबियत बिगडऩे पर उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। पुलिस रविवार को उनका अंतिम संस्कार कराया है।

एसीपी अरीब अहमद ने बताया कि श्याम इंड्रिच बटुक लाल मेहता 71 वर्ष के थे। वह लंदन में रहते थे। उनकी पत्नी इंद्रा भी वहीं रहती है। वे फरवरी के महीने में भारत आए थे। भटकते हुए आगरा के बिचपुरी क्षेत्र में पुलिस को मिले थे। उनका मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में इलाज कराया गया था। वह ठीक भी हो गए थे, लेकिन अचानक उनके फेफड़ों में संक्रमण की परेशानी हो गई। इस वजह से उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। रविवार को दूतावास से अनुमति लेकर एक परिचित के पहुंचने पर उनका पोस्टमार्टम कराया। उसके बाद थाना पर्यटन और एमएम गेट पुलिस ने ताजगंज के विद्युत शवदाह गृह में उनका अंतिम संस्कार कराया।

बदहवास हालत में मिले थे
सहायक पुलिस आयुक्त सैयद अरीब अहमद (ताज सुरक्षा) ने बताया कि भारतीय मूल का ब्रिटिश नागरिक श्याम इंड्रिच बुटुक लाल मेहता इंग्लैंड से भारत भ्रमण के लिए आए थे। 16 फरवरी को ऋषिकेश से लखनऊ के लिए एक टैक्सी में सवार हुए थे। रास्ते में नूरपुर कस्बे के पास एक पेट्रोल पंप पर विदेशी नागरिक श्याम इंड्रिच ने टैक्सी रुकवाकर लंच करने की इच्छा जताई थी।इसके बाद वह लौटकर टैक्सी चालक के पास नहीं पहुंचे और कस्बे की ओर निकल गए थे। टैक्सी चालक राजीव शर्मा ने नूरपुर थाने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। इसके बाद विदेशी नागरिक पैदल-पैदल भूमते हुए आगरा तक पहुंच गए थे। 23 फरवरी को वह थाना जगदीशपुरा के बिचपुरी क्षेत्र में मिले थे।

 

50-60 लिख चुके हैं किताबें
एसीपी अरीब अहमद ने बताया कि विदेशी नागरिक ब्रिटिश की अंग्रेजी भाषा में बात करता थे। उनकी भाषा जब पुलिसकर्मियों और अन्य को समझ नहीं आयी तो पर्यटन पुलिस को सूचना मिली थी। करीब 5 घंटे तक उनसे बातचीत करने के बाद पता चला कि वे ब्रिटिश योगाचार्य है। हिंदू सभ्यता और संस्कृति से प्रेरित हैं। उन्होंने योग पर 50 से 60 किताबें भी लिखी हैं। जो कि ऑनलाइन प्रदर्शित हैं। इसके अलावा 100 से अधिक आर्टिकल भी लिखे हैं।

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