Tuesday, June 18, 2024
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पॉश कॉलोनी में चल रहा था ऑन लाइन सट्टा, छह बंदी

एसटीएफ और पुलिस टीम ने की छापेमारी

आगरा। पॉश कॉलोनी पंचवटी में पुलिस और एसटीएफ ने छापा मारा। यहां पर आॅनलाइन सट्टे का खेल चल रहा था। पुलिस टीम ने यहां से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से पांच लैपटॉप और 12 मोबाइल बरामद किए हैं। एसटीएफ ने पॉश कॉलोनी पार्श्वनाथ पंचवटी में आॅनलाइन सट्टे कराने वाले सरगना सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे 62 हजार रुपये, 5 लैपटॉप, 12 मोबाइल बरामद किए गए। सटोरियों के तार दिल्ली एनसीआर के गिरोह से जुड़े हुए हैं। फोन पर लोग नंबर लगाते थे। बाद में नंबर खुल जाता था। रुपयों का लेन-देन आॅनलाइन किया जाता था।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि पंचवटी कॉलोनी में बड़े स्तर पर सट्टा कराया जा रहा है। इस पर सीओ उदय प्रताप सिंह, निरीक्षक हुकुम सिंह ने टीम और ताजगंज पुलिस के साथ कोठी नंबर 158 में छापा मारा। द्वितीय तल पर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सट्टे का सरगना मुन्ना कुरैशी है। वह मूलरूप से लोहामंडी का रहने वाला है। उसके साथ चमरौली निवासी लोकेश परमार, शमसाबाद निवासी उत्तम चंद, रायभा निवासी संजू सिंह, भरतपुर निवासी हर्षबंधू गौड़ पकड़े गए। सभी मुन्ना के लिए काम करते हैं। वह उन्हें हर महीने 20 से 25 हजार रुपये वेतन देता था। कर्मचारी लेन-देन का हिसाब रखते हैं। लोगों से संपर्क करते हैं, जो लोग नंबर लगाते हैं, उन्हें सट्टा खुलने की जानकारी देते हैं।
निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि मुन्ना सट्टे की खाईबाड़ी 9 साल से करता आ रहा है। करोड़ों कमा चुका है। वह चार जगह का सट्टा लगाता है। इनमें गाजियाबाद, फरीदाबाद, गली और दिसाबर नाम का सट्टा है। सुबह से लेकर शाम तक फोन पर लोग नंबर लगाते हैं। इसके बाद सटोरिये व्हाट्सएप पर बड़े सटोरियों को पर्ची भेज देते हैं। नंबर लगने पर अगले दिन भुगतान कर दिया जाता है। आॅनलाइन रकम अदा की जाती थी। लैपटाप में हिसाब रखा जाता था। पुलिस इनकी जांच कर रही है।

श्याम बोहरा का ठिकाना रही है पंचवटी
यह दूसरा मौका है जब पंचवटी कालोनी का नाम सुर्खियों में आया है। एनसीआर और यूपी के सबसे बड़े सट्टा किंग श्याम बोहरा का ठिकाना भी यही कालोनी रही थी। वर्ष 2018 में यहां छापेमारी की गई थी। बाद में बोहरा का परिवार भी यहां से पलायित हो गया था। श्याम बोहरा की गिरफ्तारी के बाद सट्टा कारोबार पर काफी हद तक अंकुश लग गया था। तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक ने सट्टे के नेटवर्क को तोड़ने में व्यक्तिगत रुचि दिखाई थी। उन्होंने खुद थाना छत्ता में श्याम बोहरा से पूछताछ की थी। इसके बाद पुलिस ने 70 सफेदपोशों की सूची तैयार की थी,जो सट्टा कारोबार से जुड़े हुए थे। श्याम बोहरा को विभिन्न मामलों में कोर्ट से जमानत मिल गई थी। लेकिन श्याम बोहरा परिवार सहित शहर छोड़ गया था। वह पहचान छुपाकर दिल्ली में कहीं रह रहा है।

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