Saturday, June 22, 2024
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बंदरों को खाना देना वर्जित, दिया तो जुर्माना

बंदरों से एसएन मेडिकल कालेज में अव्यवस्थाएं फैल रहीं
उन्हें भगाने के लिए अब कॉलेज में लगेगी ‘झटका मशीनें’

आगरा। एसएन मेडिकल कालेज में अब बंदरों को खाना खिलाने वालों पर जुर्माना लगेगा। बंदरों की बढ़ती संख्या के कारण कॉलेज प्रशासन यह सख्त निर्णय लेने जा रहा है। साथ ही तीमारदारों की संख्या पर भी रोक लगाई जा सकती है।
कॉलेज परिसर में तीमारदारों के निशुल्क भोजन उपलब्ध कराने वाले सामाजिक संगठनों से भी अनुरोध किया गया है कि वे इस व्यवस्था को बंद कर दें। बंदरों से निजात पाने के लिए कॉलेज परिसर में 10 वॉट का झटका देने वाली डीसी करंट की वायर लगाने की भी योजना है।
बता दें कि कॉलेज परिसर में सालों से बंदरों का आतंक है। डॉक्टर, कर्मचारी, तीमारदार सभी कभी न कभी बंदरों के हमले झेल चुके हैं। मरीजों का खाना भी बंदर ले जाते हैं। डॉक्टरों पर भी बंदर कई बार हमला कर चुके हैं।
करीब 5 महीने पहले आगरा शहर से बंदरों को पकड़कर वन्य क्षेत्र में छोड़ा गया था, लेकिन यह व्यवस्था बंदरों को रास नहीं आईं। धीरे-धीरे बंदर दुबारा लौट आए। फाइल फोटो। वर्ष 2018 में बंदरों के हमले में एक डॉक्टर को गंभीर चोटें आईं थीं। सुपर स्पेशियलिटी विंग में एजेंसी ने बंदरों से निजात पाने के लिए लंगूरों का भी सहारा लिया था। कई बार नगर निगम को प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है।
कॉलेज प्रशासन इस समस्या से निजात पाने के लिए अब जुर्माना लगाएगा। जो कोेई बंदरो को खाना खिलाते देखा जाएगा, उस पर एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इस संबंध में पूरे कॉलेज परिसर में नोटिस लगाए जाएंगे।
बंदरों के हमले रोकने के लिए पूरे कॉलेज परिसर में 10 वाट की डीसी करंट तारें लगाने की भी योजना है। इसके लिए कुछ एजेंसियों से बातचीत चल रही है। जिससे डॉक्टरों, कर्मचारियों, तीमारदारों को बंदरों के हमले से बचाया जा सके। साथ ही मानसिक और शारीरिक नुकसान से भी बचाया जाए सके।
एसएन मेडिकल कालेज में बढ़ती तीमारदारों की संख्या को देखते हुए प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कालेज परिसर में निशुल्क भोजन वितरित करने वाले हर सामाजिक संगठन से विनती की है कि वे तीमारदारों को मुफ्त का खाना खिलाना बंद कर दें। उन्होंने सामाजिक संगठनों से अनुरोध किया है कि वे अगर सहयोग करना ही चाहते हैं तो अस्पताल की रसोई में आर्थिक सहयोग कर दें या कच्चा माल उपलब्ध करा दें। प्राचार्य का कहना है, परिसर में एक मरीज के साथ दो ही तीमारदारों को आने की अनुमति है, लेकिन 10-10 तीमारदार आते है, इससे व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई हैं।

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