Tuesday, June 18, 2024
HomeUttar PradeshAgraगुरुद्वारों में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुंदर सजावट

गुरुद्वारों में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुंदर सजावट

सुबह निकली प्रभात फेरियां, गूंज रहे शबद
सर्वाधिक भीड़ गुरु का ताल गुरुद्वारे में जुटी

आगरा। समूचे शहर में गुरुवाणी गूंज रही हैं। प्रकाश पर्व की बधाइयां गूंज रही हैं। ‘ऐसा नाम निरंजन होई, जे को मंनि जाणै मनि कोई।’ अर्थात गुरु नानक देव जी कहते हैं कि जो मनुष्य ईश्वर का स्मरण करता है, उसका आनंद तो वह स्वयं ही बता सकता है। अन्य कोई व्यक्ति प्रभु की भक्ति से मिलने वाले आनंद का वर्णन नहीं कर सकता।
गुरु नानक देव के प्रकाशोत्सव की आज पूरे शहर में धूम है। गुरुद्वारे सजे हुए हैं। आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। गुरुद्वारा गुरु का ताल से लेकर माईथान तक शहर के सभी गुरुद्वारों में सुबह से कीर्तन दरबार सहित विभिन्न कार्यक्रम चल रहे हैं। सायंकाल गुरुद्वारा गुरु का ताल में शाम को कीर्तन दरबार के बाद आतिशबाजी भी की जाएगी। गुरुद्वारा गुरु का ताल पर कीर्तन दरबार सजाया गया है। इस अवसर पर गुरु नानक देव की चरण पादुका के संगत को दर्शन करवाए जाएंगे। गुरुद्वारा गुरु का ताल के मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह, समन्वयक बंटी ग्रोवर ने जानकारी दी कि रात्रि साढ़े आठ बजे हरित आतिशबाजी होगी।
गुरु नानकदेव देव के प्रकाश पर्व पर मुख्य आयोजन केंद्रीय संस्था श्री गुरु सिंह सभा, माईथान की ओर से कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। गुरु नानक देव महाराज के प्रकाश परब के आगमन की खुशी में 11 दिन से चल रही समूह गुरुद्वारा साहिब की प्रभात फेरी का महासंगम सुबह देखने को मिला (गुरुद्वारा श्री कलगीधर सदर बाजार से भव्य फूलों से सजे रथ पर सुशोभित धन धन श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के आगे अमृतवेले परिवार सहित पहुंचकर संगतों ने मत्था टेका। धर्म के प्रतीक निशान साहिब पांच प्यारों के साथ चल रही गुरु प्यारी हजारों साध संगत गुरु नानक नाम लेवा संगत भक्ति भाव में सरोवर नजर आए।
धर्म के प्रतीक निशान साहिब पांच प्यारों के साथ चल रही गुरु प्यारी हजारों साध संगत गुरु नानक नाम लेवा संगत भक्ति भाव में सरोवर नजर आए। धर्म के प्रतीक निशान साहिब पांच प्यारों के साथ चल रही गुरु प्यारी हजारों साध संगत गुरु नानक नाम लेवा संगत भक्ति भाव में सरोवर नजर आए।
प्रभात फेरी में गुरु रूप संगत का जगह-जगह पुष्ष वर्षा कर सत्कार किया गया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा भव्य स्वागत किया। गुरद्वारा गुरु का ताल, गुरुद्वारा मधु नगर, गुरुद्वारा मिट्ठा खुह, गुरुद्वारा कांछीपुरा, गुरुद्वारा बालूगंज, गुरुद्वारा शहीद नगर, गुरुद्वारा बिंदु कटरा, गुरुद्वारा अशोक नगर, गुरुद्वारा ताजगंज समेत कई शामिल हुए। सभी गुरुद्वारों के प्रधानों को गुरु का सरोपा देकर सम्मान किया गया। प्रभात फेरी में गुरु रूप संगत का जगह-जगह पुष्ष वर्षा कर सत्कार किया गया।
मुख्य रुप से चेयरमेन अमरदेव साहनी, मुख्य सेवादार, रमन साहनी, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, बंटी ओबेरॉय, बबलू अर्शी, जी एस मग्गो, बंटी ग्रोवर सुरजीत छाबड़ा, अमरजीत सिंह, निर्मल सिंह, उपेंद्र सिंह, बलविंदर कौर टिम्मा, कवलजीत सिंह, जसवीर सिंह उपस्थित रहे।

लोहामंडी में पधारे थे गुरु नानक देव
सिखों के पहले गुरु गुरु नानक देव लोहामंडी में पधारे थे। यहां उन्होंने आध्यात्मिक उपचार किया था। गुरुद्वारा लोहामंडी में गुरु नानक देव जी के चरणों के निशान आज भी मौजूद हैं। यहां माता जस्सी को भी उन्होंने उपदेश दिए थे।
सभी धर्मों से ऊपर इंसानियत को रखने वाले, सकारात्मक सोच का संदेश देने वाले और एक ओंकार का संदेश देने वाले सिख धर्म के पहले गुरु नानक देव साहब को मत्था मत्था टेकने के संगत सुबह से उमड़ रही है।
आगरा में प्रथम गुरु नानक देव सहित चार गुरु पधारे थे। श्री गुरु नानक देव महाराज जब दक्षिण की यात्रा पर थे, तब वापसी के समय वे 1509 से 1510 ईसवी में आगरा आए। श्री गुरु हरगोबिंद साहिब 1612 ईसवी में आगरा आए थे। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब का 1675 ईसवी में आगमन हुआ। श्री गुरु गोविंद सिंह जी 1707 में आगरा आए थे। सिख धर्म के विद्वान भाई नंद लाल और भाई गुरदास ने भी आगरा में प्रचार-प्रसार किया था। जिन स्थानों पर गुरु ठहरे थे, वहां गुरुद्वारे हैं। जहां गुरु नानक देव आए वहां गुरुद्वारा दुख निवारण, नया बांस, लोहा मंडी, जहां गुरु हरगोबिंद साहिब आए वहां गुरुद्वारा दमदमा साहिब और जहां गुरु तेग बहादुर साहिब पधारे वहां गुरुद्वारा माईथान है। जहां गुरु गोविंद सिंह का आगमन हुआ, वहां गुरुद्वारा हाथी घाट है, जहां गुरु तेग बहादुर साहिब के चरण पड़े, वहां गुरुद्वारा दुख निवारण गुरु का ताल है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments