Saturday, June 22, 2024
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धरना : गाल ब्लैडर में पथरी और दे दी फैटी लीवर की रिपोर्ट

– दूसरी जगह दुबारा अल्ट्रा साउंड कराने पर स्थिति हुई स्पष्ट
– स्थिति स्पष्ट होने तक इलाज पर हो गया भारी-भरकम खर्च

आगरा। कमला नगर स्थित डायग्नोस्टिक सेंटर पर गलत अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देने का मामला सामने आया है। इसके खिलाफ पीड़ित धरने पर बैठ गया और कार्रवाई की मांग प्रशासन से की। इधर पीड़ित का कहना है कि अल्ट्रासाउंड की गलत रिपोर्ट दिए जाने से न केवल वे तनाव में आ गये, बल्कि इलाज पर मोटी रकम खर्च हो गई। इधर आरोपित डॉक्टर का कहना है कि उनके ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं वह सब झूठे हैं।
सिस्टम सुधार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अंशुमन ठाकुर अपने कार्यकर्ताओं के साथ ओम डायग्नोस्टिक सेंटर (कमला नगर) पर धरने पर बैठ गए और हंगामा करने लगे। उन्होंने डायग्नोस्टिक सेंटर के निदेशक डॉक्टर सुभाष कुमार वर्मा पर आरोप लगाया कि दीपावली से पहले उन्हें कुछ परेशानी हुई थी। जिसके लिए वह यहां पर अल्ट्रासाउंड कराने आए थे। जिसमें निदेशक द्वारा बताया गया कि उनको फैटी लीवर की समस्या है। इससे उनके इलाज पर हजारों रुपए खर्च हुए।
अंशुमन ठाकुर का कहना है कि हजारों रुपए की दवाई से उन्हें कोई फायदा नहीं दिख रहा था। जब दर्द होता था तो उन्हें सुपर स्पाज्म इंजेक्शन लगता था। जिससे दर्द बंद होता था। काफी समय तक ऐसा ही चलता रहा। इसके बाद किसी ने उन्हें सलाह दी वे दिल्ली में जाकर अपना इलाज कराएं। दूसरी जगह से अपना अल्ट्रासाउंड कराया तो पता चला कि मुझे फैटी लीवर की समस्या नहीं बल्कि गाल ब्लैडर में पथरी थी, जो की सुपर स्पाज्म इंजेक्शन लगने की वजह से सड़ने लगी है। और अगर आॅपरेशन नहीं कराया गया तो कुछ समय बाद इसकी वजह से शरीर में इन्फेक्शन फैल जाएगा जो जान के लिए खतरा भी पैदा कर सकता है।
पीड़ित ने बताया कि डायग्नोस्टिक सेंटर के निदेशक सुभाष वर्मा के पास पहुंचा और उनसे कहा कि आपने मुझे गलत अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट क्यों दी। इस रिपोर्ट की वजह से वे तनाव में आ गए और हजारों रुपए खर्च हो गया। अगर मैं दूसरी जगह रिपोर्ट न कराता तो शायद हालात और बिगड़ सकती थी। उन्होंने बताया कि जब निदेशक से हमने यह बात कही तो वह सॉरी बोलने या माफी मांगने की बजाय हमें ही उल्टा गलत बताने लगे। ऐसे में वे डायग्नोस्टिक सेंटर के बाहर धरने पर बैठे हैं। प्रशासन को इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
दूसरी तरफ ओम डायग्नोस्टिक सेंटर के निदेशक डॉक्टर सुभाष वर्मा का कहना है कि जब उन्होंने बताया कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट गलत है तो उनसे कहा कि दोबारा जांच के लिए आएं, पर वे नहीं आए। जो भी आरोप उनके द्वारा लगाए गए हैं वह झूठे हैं।

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